संवाददाता माधव निषाद:-फतेहपुर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने बलिदान दिवस पर दोहराई मांग फतेहपुर l
1857 की क्रांति के अमर बलिदानी अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने कहा कि उनके बलिदान को केवल स्मरण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके नाम और इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाना भी हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 6 मार्च 1858 को अंग्रेजी हुकूमत ने जिला जेल फतेहपुर में स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी ठाकुर दरियाव सिंह सहित सात क्रांतिकारियों को फांसी दे दी थी। इनमें उनके पुत्र ठाकुर सुजान सिंह, भाई ठाकुर निर्मल सिंह, भतीजे ठाकुर बख्तावर सिंह तथा क्रांतिकारी ठाकुर रघुनाथ सिंह, ठाकुर तुरंग सिंह और जमरावां के ठाकुर शिवदयाल सिंह रघुवंशी शामिल थे। इन वीरों ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
प्रवीण पांडेय ने इस अवसर पर समाज और सरकार से तीन प्रमुख संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगले बलिदान दिवस से पहले खागा तहसील को “अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह नगर” के रूप में जिला बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र के महान बलिदानी को स्थायी सम्मान मिल सके। साथ ही उन्होंने मांग की कि अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह का इतिहास विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपने क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित हो सके।
इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रस्ताव रखा कि किशनपुर–रामपुर क्षेत्र में यमुना किनारे लगभग अस्सी बीघा भूमि पर “अमर शहीद कृषि महाविद्यालय” की स्थापना की जाए, जिससे क्षेत्र के युवाओं और किसानों को आधुनिक कृषि शिक्षा प्राप्त हो सके और क्षेत्र का विकास भी सुनिश्चित हो।
प्रवीण पांडेय ने कहा कि यदि इन प्रस्तावों को साकार किया जाता है तो यही अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह और उनके साथ बलिदान देने वाले वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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