नउवाबाग हाईवे पर बनेगा ‘सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य तिराहा’

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सभासद दीपक कुमार मौर्य ने पालिका में रखा प्रस्ताव, नामकरण के साथ सौंदर्यीकरण और स्मारकीय संरचना की मांग
फतेहपुर। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्ग नउवाबाग हाईवे को ऐतिहासिक पहचान देने की पहल की गई है। नगर पालिका परिषद फतेहपुर के वार्ड नंबर-02 आवास विकास कालोनी के सभासद दीपक कुमार मौर्य ने नउवाबाग हाईवे स्थित शहर के प्रमुख प्रवेश स्थल को ‘सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य तिराहा’ के रूप में विकसित और नामित किए जाने का जनहित प्रस्ताव नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी एवं अध्यक्ष के समक्ष रखा है।
सभासद ने 30 सितंबर को दिए प्रस्ताव में कहा है कि नउवाबाग हाईवे फतेहपुर नगर के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल है। ऐसे में इस स्थल को सुव्यवस्थित, आकर्षक और ऐतिहासिक पहचान प्रदान करने के लिए यहां सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के नाम पर तिराहा विकसित किया जाना उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख शासकों में से एक और मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। उनके नाम पर प्रवेश स्थल का नामकरण और सौंदर्यीकरण होने से ऐतिहासिक विरासत के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ सकती है।
प्रस्ताव में सभासद ने पालिका से नउवाबाग हाईवे पर उपयुक्त स्थल का स्थलीय एवं तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विधिसम्मत रूप से तिराहे का नामकरण करने, आकर्षक नामपट्ट व साइन बोर्ड लगाने तथा उपलब्ध स्थान और तकनीकी व्यवहार्यता के अनुसार सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य से संबंधित स्मारकीय संरचना अथवा प्रतिमा स्थापित करने की संभाव्यता जांचने का अनुरोध किया है।
उन्होंने तिराहे पर हरित पट्टी, पौधरोपण और प्रकाश व्यवस्था के साथ सौंदर्यीकरण कराने का भी सुझाव दिया है। प्रस्ताव में यातायात की दृश्यता, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटना रोकने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसके अलावा यदि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग या किसी अन्य विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो संबंधित विभाग से आवश्यक एनओसी और अनुमति लेने का सुझाव दिया गया है।
सभासद ने यातायात पुलिस और संबंधित अभियंत्रण विभाग से तकनीकी परामर्श लेकर ऐसा डिजाइन तैयार करने की मांग की है, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित न हो। साथ ही भूमि स्वामित्व, राइट ऑफ वे, यातायात सुरक्षा, तकनीकी व्यवहार्यता और विभागीय अनुमतियों की जांच के बाद प्रस्ताव को नगर पालिका परिषद के सक्षम बोर्ड या समिति के समक्ष रखने की मांग की है।
उन्होंने संबंधित अधिकारी और अभियंता से स्थल निरीक्षण कर व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

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