फतेहपुर/किशुनपुर । कस्बे के प्रतिष्ठित युवा व्यवसायी एवं समाजसेवी अभिषेक अग्रवाल उर्फ शेरू अग्रवाल के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर मिलते ही व्यापारिक जगत, सामाजिक संगठनों एवं वैश्य समाज में गहरा दुःख व्याप्त है।
किशुनपुर कस्बे के वार्ड संख्या-7, अग्रवाल मोहल्ला (उत्तरी) निवासी अभिषेक अग्रवाल किराना व्यवसाय से जुड़े थे और अपनी सरलता, मिलनसारिता तथा ईमानदार व्यापारिक छवि एवं समाजसेवा के कारण लोगों के बीच विशेष पहचान रखते थे। परिजनों के अनुसार बुधवार देर रात उन्हें अचानक समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद गुरुवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
अभिषेक अग्रवाल अपने पीछे पिता गिरधर कृष्ण अग्रवाल, पत्नी सारिका अग्रवाल, 10 वर्षीय पुत्र अग्रिम अग्रवाल तथा 7 वर्षीय पुत्री वैष्णवी को छोड़ गए हैं। पिता के साये के अचानक उठ जाने से दोनों मासूम बच्चों का भविष्य और परिवार की पीड़ा लोगों की आंखें नम कर रही है। अस्पताल से उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अभिषेक अग्रवाल क्षेत्र के प्रमुख करदाताओं में भी गिने जाते थे। वे नियमित रूप से आयकर एवं जीएसटी का भुगतान कर सरकार के राजस्व में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते थे। उनके निधन से जहां परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है, वहीं व्यापारिक जगत ने एक जिम्मेदार, कर्मठ और ईमानदार व्यवसायी को खो दिया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि शेरू अग्रवाल केवल एक सफल व्यापारी ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले समाजसेवी थे।
शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किशुनपुर स्थित यमुना घाट पर किया गया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी नेता , वैश्य समाज के लोग, रिश्तेदार एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी l वहीं व्यापारियों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उनके निधन से कस्बे में शोक का माहौल है। व्यापारियों ने कहा कि शेरू अग्रवाल की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनका जाना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे व्यापारियों एवं वैश्य समाज में बड़ी क्षति हुई है।
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