फतेहपुर। खागा तहसील क्षेत्र के किशनपुर कस्बे से बांदा जनपद को जोड़ने वाले दादों यमुना पुल के वैकल्पिक मार्ग पर शनिवार भोर पहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दोगुना ओवरलोड मोरंग लदे एक ट्रक का धुरा अचानक टूट गया। ट्रक बीच मार्ग में खड़ा हो जाने से असहट सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह जाम की चपेट में आ गया।
सुबह-सुबह दैनिक कामकाज के लिए निकलने वाले राहगीर, स्कूली बच्चे और ग्रामीण घंटों जाम में फंसे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में बांदा जनपद की मोरंग खदानों से ओवरलोड मोरंग लेकर आने वाले सैकड़ों अंतर्जनपदीय वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब आधा सैकड़ा ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना प्रपत्र, बिना नंबर प्लेट और कथित रूप से बिना फिटनेस के मार्ग पर खड़े दिखाई दिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड परिवहन लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। जाम से परेशान राहगीरों ने अपर जिला अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देकर तत्काल राहत की मांग की।
सूचना मिलने के बाद उच्चाधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर संबंधित विभागों को निर्देश दिए, किंतु लगभग तीन घंटे तक राजस्व, खनन व परिवहन विभाग की कोई संयुक्त टीम मौके पर नहीं पहुंची। दोबारा शिकायत किए जाने के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट और खनन निरीक्षक को मौके पर आना पड़ा।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों के पहुंचने की सूचना पहले ही लीक हो गई, जिसके चलते दर्जनों ओवरलोड वाहन आनन-फानन में वापस मुड़कर बांदा सीमा की ओर निकल गए। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि केवल दो-चार वाहनों पर औपचारिक कार्रवाई कर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई महज खानापूर्ति जैसी प्रतीत हुई।
घटना के बाद भी क्षेत्र में ओवरलोड परिवहन को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध व ओवरलोड परिवहन पर सख्त और निरंतर कार्रवाई कर जाम और हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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